सृष्टि ने हांफते हुए आँखें खोलीं। उसकी आवाज़ अभी भी काँप रही थी, लेकिन उसमें इनकार का एक भी स्वर नहीं था।
“हाँ… डैडी… तैयार हूँ।”

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