> ⚠️ चेतावनी (Warning):
> यह कहानी 'Two Husbands & One Wife' (दो पति और एक पत्नी) के विषय पर आधारित एक काल्पनिक रचना है। यदि आप इस तरह के रिश्तों या थीम वाली कहानियां पढ़ने में असहज महसूस करते हैं, तो कृपया यहीं रुक जाएं और इस कहानी को आगे न पढ़ें।
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> लेखक की ओर से जरूरी नोट: यह कहानी पूरी तरह से काल्पनिक (Fictional) है। इस उपन्यास के सभी पात्र, घटनाएँ, नाम और स्थान पूरी तरह से काल्पनिक हैं। इसका किसी भी जीवित या मृत व्यक्ति, वास्तविक देश या किसी वास्तविक घटना से कोई संबंध नहीं है। यदि किसी से कोई समानता पाई जाती है, तो वह केवल एक संयोग मात्र होगी।
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अध्याय 1: द डेविल्स क्वीन (Two Devil Husbands)
इथारिया (Etharia) देश की अत्याधुनिक और सबसे ताकतवर प्रेसिडेंशियल राजधानी... बाहर कड़ाके की ठंड और बर्फीली आंधी का तांडव चल रहा था, लेकिन अंदर उस आलीशान शीशमहल के बेडरूम में हवा बेहद भारी और किसी अनकहे तूफान की तरह सुलग रही थी।
पूरी दुनिया जिस एक नाम से थर-थर कांपती थी, वो थे—रुसो ब्रदर्स। इस महाशक्तिशाली देश इथारिया के सर्वोच्च राष्ट्रपति सेबेस्टियन रुसो (31 वर्ष) और उनके दाहिने हाथ, मिलिट्री एडीसी ओलिवर रुसो (29 वर्ष)।
इन दोनों भाइयों की क्रूरता और बेहरमी के किस्से खौफ की हर हद पार कर चुके थे। उनके राज में परिंदा भी बिना उनकी मर्जी के पर नहीं मार सकता था, और अपराध का तो नामो-निशान तक मिट चुका था। अच्छे-अच्छे सूरमा इनके नाम से पसीना छोड़ देते थे।
लेकिन आज... दुनिया के इन दोनों सबसे खतरनाक और बेरहम 'डेविल्स' की दुनिया में एक ऐसा नायाब और मासूम फूल कदम रख चुका था, जो इन दोनों के समंदर जैसे गुस्से को भी पल भर में शांत कर सकता था।
लाल जोड़े, भारी-भरकम शाही गहनों और दुल्हन के लिबास में बैठी दिव्या (22 वर्ष)। बला की खूबसूरत, चुलबुली और भोली-भाली लड़की, जिसके दिल में इन दोनों के प्रति असीम प्यार था, लेकिन इस वक्त उसकी धड़कनें तेज थीं।
दरवाजा खुला और भारी, कड़कते जूतों की आवाज के साथ दोनों भाई अंदर दाखिल हुए।
सेबेस्टियन ने जैसे ही अपनी गहरी, सर्द नजरें उठाकर लाल जोड़े में बैठी दिव्या पर डालीं, उसके चेहरे के वो सारे कठोर, खौफनाक और पत्थर वाले भाव एक ही सेकंड में पिघल गए। दुनिया के लिए जो राष्ट्रपति एक क्रूर राक्षस था, वो दिव्या को देखते ही पूरी तरह हार गया। उसकी आंखों में अथाक प्यार और एक अजीब सी हिफाजत की चाहत तैरने लगी।
सेबेस्टियन ने धीरे-धीरे आगे बढ़कर अपने कंधे से कोट उतारा और उसे बेहद सलीके से पास रखे सोफे पर रख दिया। इसके बाद वो चलकर सीधे दिव्या के पास आया और उसके पास बैठ गया। उसने बेहद नरमी से दिव्या के कांपते हुए कोमल हाथों को अपने मजबूत हाथों में थाम लिया। उसकी आवाज, जो दुश्मनों का कलेजा चीर देती थी, इस वक्त शहद से भी ज्यादा मीठी और धीमी थी,
"जान, बहुत थक गई हो क्या? अगर थक गई हो तो आज हम..."
अपनी बात अधूरी छोड़कर सेबेस्टियन बस प्यार से उसे निहारने लगा।
तभी, कमरे का माहौल अचानक से और ज्यादा इंटेंस हो गया।
पीछे खड़े ओलिवर ने अपने लंबे और मस्कुलर कद को थोड़ा सीधा किया। उसकी आँखों में एक अजीब सा हठ, डॉमिनेंट ओनरशिप और बेकाबू कर देने वाला नशा था। उसने अपनी भारी और रोबीली आवाज में बीच में टोकते हुए कहा,
"भैया, आप हमेशा से ही इसके सामने ऐसे पिघल जाते हो! इसे जरूरत से ज्यादा लाड़-प्यार की आदत डाल रहे हो... पर आज, दिव्या, तुम बचोगी नहीं!"
कहते हुए ओलिवर ने अपनी मिलिट्री जैकेट के बटन खोले और एक झटके में उसे उतारकर दूर फेंक दिया।
उसका वो बोल्ड, खौफनाक और बेहद एग्रेसिव अंदाज—इतने रौबदार तरीके से कपड़े उतारने का वो तरीका इतना इंटेंस था कि दिव्या का दिल सहम गया। एक खौफ और सिहरन उसके पूरे बदन में दौड़ गई।
दिव्या डर के मारे थोड़ी पीछे खिसकने लगी और घबराकर उसने तुरंत अपना दूसरा हाथ आगे बढ़ाया और कसकर सेबेस्टियन की मजबूत बांह को अपनी उंगलियों से मजबूती से जकड़ लिया। जैसे इस पूरी दुनिया में उसे पनाह देने वाला सिर्फ वही एक शख्स हो।
सेबेस्टियन ने जब देखा कि उसके छोटे भाई के इस खतरनाक और दबंग रूप से उसकी अपनी जान (दिव्या) डर गई है, तो उसका सुरक्षात्मक रवैया जाग उठा। उसने अपनी सख्त और तीखी नजरें ओलिवर पर डालीं और चेतावनी भरे लहजे में कहा,
"ओलिवर! तमीज से... देख तू मेरी बीवी को डरा रहा है। कितनी बार कहा है कि इसके सामने अपना वो डेविल वाला रूप बंद रखा कर।"
ओलिवर अपनी जगह पर रुका। उसके होंठों पर एक टेढ़ी, खतरनाक और बेहद आकर्षक मुस्कान तैर गई। उसने सेबेस्टियन की आँखों में आँखें डालीं और पूरी ओनरशिप जताते हुए सीधा जवाब दिया,
"भाई... अब बोल रहे हो 'मेरी बीवी'? भूलिए मत, सिर्फ अकेले आपकी नहीं... वो मेरी भी बीवी है!"
उसकी उस बात में छुपा हुआ हक और बेइंतिहा पोज़ेसिवनेस इस रात को और भी ज्यादा गहरा और रोमांचक बना रही थी। दिव्या ने अपनी बड़ी-बड़ी मासूम आँखों से कभी सेबेस्टियन को देखा, तो कभी ओलिवर को, और दोनों
भाइयों की इस प्यार भरी जंग के बीच उसके गाल शर्म और सिहरन से लाल हो गए।



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